ब्रिटेन का यूरोपियन यूनियन से निष्काषित होना (Brexit), और इसके परिणाम
ब्रिटेन यूरोपियन यूनियन (EU) से निष्काषित क्यों हुआ? इसके परिणाम क्या हो सकते है? इस प्रश्न का उत्तर समजने से पहले हम समय के पहियों को उल्टा घुमाके 1947 में ले जाते है जब भारत ब्रिटेन के पिशाची साशन से स्वतंत्र हो रहा था. उस समय तथाकथित अहिंसा से नहीं, परन्तु भारतीय सेना के द्वारा विद्रोह किये जानेपर भयभीत होकर अंग्रेजों को स्वतंत्रता देनी पड़ रही थी. इस बात से चिडकर तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री और दोनों विश्वयुद्धों के खलनायक विंस्टन चर्चिल ने यह कहा... "भारतीय लोग प्रशाशन करने के लिए सक्षम नहि है, वे प्रशाषित होनेके ही लायक है. कुछ ही समयमें वे हमारे पास आयेंगे और ब्रिटेन को पुनः अपना स्वामी बनने के लिए भीख मांगेंगे" ब्रिटेन का यह अहंकार केवल भारत के लिए नहीं था. विश्वके सभी समुदायों के प्रति नीचपन दिखाना ब्रिटेन का स्वाभाव बन चूका था. स्वयं राजाशाही में रहनेके कारण जब फ्रांस ने अपने क्रूर राजा के विरुद्ध क्रांति चलाई तब अंग्रेजोंने फ्रांस के नागरिकों के प्रति विश्वभरमें घृणा फैलाई और यह जताया की फ़्रांसिसी लोग कितने असहिष्णु है. जब अमेरिका ने ब्रिटेन से स्वतंत्रत...