भारतीय शिक्षण प्रणालीका इतिहास और उसका अंग्रेजों द्वारा किया गया निकंदन - भाग 8
भाग ૮ भाग 1 के लिए यहाँ क्लिक करें भाग 2 के लिए यहाँ क्लिक करें भाग 3 के लिए यहाँ क्लिक करें भाग 4 के लिए यहाँ क्लिक करें भाग 5 के लिए यहाँ क्लिक करें भाग 6 के लिए यहाँ क्लिक करें भाग 7 के लिए यहाँ क्लिक करें इसाई गोवा में पुर्तगाली पादरिओं द्वारा किये गए दमन और उसका छत्रपति शिवाजी द्वारा दिया गया उत्तर अंग्रेजों को याद था. अत्यंत ही बर्बर नरसंहारो से कोंकणी हिन्दुओं को महत्तम रूपसे इसाई बनाया गया था. इसके प्रत्युत्तर में छत्रपति शिवाजी ने अनेक पुर्तगाली पादरिओं को निर्ममता से मार दिया था और हिन्दुओं का पंथ परिवर्तन रोक दिया था. इसलिए अंग्रेज शिक्षण के माध्यम से पंथ परिवर्तन करना चाहते थे. मिशनरीयों ने अत्यधिक ध्यान भारत के स्त्री धन पर दिया. वे जानते थी की यदि भारतीय समाज को ध्वस्त करना है तो इसके स्त्री धन का मानसपरिवर्तन करना होगा क्योंकि हिन्दू धर्म और परम्पराएं स्त्रिओं से टिकी हुई है, पुरुषों से नहीं. उन्होंने मिशनरीयों में पढने आती बालिकाओं को धर्म से विमुख करनेका काम बड़ी ही चतुराई से किया, और आज भी कर रहे है. मेकोले के समय से ही इसाई मिशनरी स्कूलें भार...