हाल ही में हुई Surgical Strike से भारत और पाकिस्तान के
बिच संभवित युद्ध की चर्चा बहोत चल पड़ी है. इस चर्चामें थोड़े बहोत जानकार लोग
परमाणु युद्ध के भय की चर्चा करते है. इस चर्चामें बहोतसे लोग कई घिसे पिटे तर्क देते
है जो की सुनकर तो प्रभावी लगते है परंतु वास्तविकता की कसौटी पर निरर्थक सिद्ध
होते है. आइये देखते है की ऐसे घिसे पिटे तर्क कौन कौनसे है...
- दो परमाणु देशों को लड़ाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि परमाणु बम
से बहोत बड़ी मात्रामें जान हानि होती है.
- पाकिस्तान का कोई आतंकवादी भारतमें घुसकर परमाणु बम फोड
देगा तो?
- पाकिस्तान एक पागल देश है और उनके सैन्य अधिकारी भी पागल है,
आत्मघाती है. और फिर पाकिस्तान एक भिखारी देश है इसलिए उन्हें कुछभी खोनेका डर
नहीं है, जबकि भारतको खोनेके लिए बहोत कुछ है. इस परिस्थितिमें यदि वे हारनेकी
परिस्थितिमें आ जाएंगे तो भारत पर परमाणु हमला कर देंगे.
- यदि पाकिस्तान ने पहले परमाणु हमला करके हमारे सारे परमाणु
बम नष्ट कर दिए तो?
- पाकिस्तान के पास Tactical Nuclear Bomb है जिसका उपयोग वे
सामान्य बम की भांति कर सकते है जिसका जवाब हम बड़े न्यूक्लियर बम से नहीं दे सकते.
एक के बाद एक सारे तर्कों और प्रश्नों का मैं उत्तर दूंगा...
दो परमाणु देशों को लड़ाई नहीं करनी चाहिए क्योंकि परमाणु बम
से बहोत बड़ी मात्रामें जान हानि होती है.
सर्वप्रथम तो हम यह बात समजलें की परमाणु बम एक Deterrence
Weapon है, कोई वास्तविक War Weapon नहीं है. Deterrence Weapon का अर्थ है एक ऐसा
हथियार जो शत्रु को डराए, उसे आक्रमण करनेसे रोके. वास्तविक युध्धमें उसका उपयोग
नहीं होता. यदि उपयोग किया जाता है तो इसे आंतरराष्ट्रिय समुदायमें “War Crime”
समजा जाता है और इसके अंतर्गत उस देश को अत्यंत ही कठोर दण्ड दिया जाता है. यदि
परमाणु बम गिरना इतना सरल होता तो इजराइल कबका अपने आसपास रहे सारे इस्लामी
देशोंका सर्वनाश कर चूका होता. जबकी इजराइल के शत्रु देशोंके पास तो अपने परमाणु
हथियार भी नही है जिससे इजराइल को कोई डर हो! इससे विपरीत, भारत के पास तो पर्याप्त
मात्रामें परमाणु बम है और उनको प्रभावी रूपसे पाकिस्तान पहोचाने के अत्यधिक
विकल्प और संसाधन भी उपलब्ध है. इस परिस्थितिमें पाकिस्तान द्वारा परमाणु बम का
उपयोग करनेका अर्थ है पुरे पाकिस्तान के सर्वनाश को आमंत्रण देना.
अन्य देशोंकी ही भांति भारतके परमाणु बम भी Deterrence
Weapon ही है जो की हमारे शत्रुओं को हमपर परमाणु हमला करनेसे दुस्साहस करनेसे
रोकते है. हमें किसी देश के ऊपर पहला परमाणु आक्रमण नहीं करना है. यदि कोई परमाणु
प्रहार करता है तो ही उसका विस्तृत उत्तर देना है. इसी लिए भारतकी परमाणु निति NFU
अर्थात No First Use की है.
पाकिस्तान का कोई आतंकवादी भारतमें घुसकर परमाणु बम फोड
देगा तो?
अधिकांश रूपसे यह डर हिंदी और अंग्रेजी फिल्मों से प्रेरित
है. जैसा की मैंने कहा, भारत NFU निति का अनुसरण करता है. हमारी आधिकारिक रूपसे घोषित
इस NFU निति के अंतर्गत हम किसी देश पर पहला परमाणु आक्रमण नहीं करेंगे. परंतु यदि
भारत पर, या तो विश्व के किसीभी कोनेमें रहे
भारतियों पर परमाणु बम का उपयोग किया जाएगा तो भारत उस शत्रु
देश, और उसे सहायता करने वाले सारे देशों के ऊपर परमाणु आक्रमण कर देगा.
स्पष्ट है की आतंकवादियों द्वारा भारत पर परमाणु आक्रमण
होनेकी स्थतिमें किसीभी स्थान पर रहे आतंकवादी संगठन और उसको सहायता करने वाले
पाकिस्तान का पूर्णतः सर्वनाश कर सकता है. पाकिस्तान इतना बड़ा जोखिम अपने ऊपर नहीं
ले सकता.
अभी ऊपर लिखे गए अनुच्छेदमें ध्यानाकर्षित (Highlighted)
किये गए भाग पर ध्यान दें. भारतियों पर केवल भारतमें ही आक्रमण हो यह आवश्यक तो
नहीं! कहीं भी हो सकता है. और फिर यह भी तो हो सकता है की भारतने युद्धमें पाकिस्तान
की भूमि का बहोत बड़ा भाग जीत लिया हो, और हमारे सैनिक उस क्षेत्र का रक्षण कर रहे
हो, और वहीँ पाकिस्तान परमाणु बम फोड दे, और कह दें की यह तो पाकिस्तानी धरती पर
आक्रमण है, भारत पर नहीं. तो? हमारी निति स्पष्ट है की विश्वमें कहींभी
भारतियों के ऊपर परमाणु आक्रमण किये जानेपर शत्रु देश का पुर्णतः विनाश किया
जाएगा. फिर चाहे वो भारतीय सैनिक हो, या फिर सामान्य नागरिक.
पाकिस्तान एक पागल देश है और उनके सैन्य अधिकारी भी पागल है,
आत्मघाती है. और फिर पाकिस्तान एक भिखारी देश है इसलिए उन्हें कुछभी खोनेका डर
नहीं है, जबकि भारतको खोनेके लिए बहोत कुछ है. इस परिस्थितिमें यदि वे हारनेकी
परिस्थितिमें आ जाएंगे तो भारत पर परमाणु हमला कर देंगे.
पहले तो हम यह देखते है की पाकिस्तानी सैन्य अधिकारी
वास्तवमें पागल है की नहीं. जब हम उनके व्यव्हार का विश्लेषण करते है तब प्रतीत
होता है की ऐसा बिलकुल नहीं है. पाकिस्तान की प्रत्येक सैन्य निति बहोत ही सोची
समजी और विषैली होती है. विश्लेषण से यह भी उजागर होता है की वहांके सैन्य के उच्च
अधिकारी केवल दूसरों को शोषित करके अपने वैभव विलास की पुष्टि करनेमें ही विश्वास
रखते है. यदि परमाणु युद्ध हुआ तो उनका और उनके परिवार वालोंका सर्वनाश भी निश्चित
है. यदि परमाणु युद्ध होता है तो भारत उस युद्ध को छेड़ने वाले अफसरों और उनके
परिवारों को तो कभी भी नहीं छोड़ेगा यह विश्वास तो उन्हें भी होगा. इसलिए ऐसा
होनेकी संभावना कम ही है.
कुछ लोग डर के कारण यह भी कहते है की पाकिस्तानी सेना और
उनके अधिकारी आत्मघाती है. उन्हें मरनेका कोई डर नहीं है. यह बात भी मिथ्या है. पाकिस्तानी सैनिक और अधिकारी
आत्मघाती नहीं है. वे अनपढ़/गवांर जिहादियों को अफीन पिलाकर, भ्रमित कर, और कुरान
का वास्ता देकर आत्मघाती बनाते है और मरनेके लिए भारतमें भेज देते है. वे स्वयं
कभी मरने नहीं जाते. याद रहे, अबतक हुए सारे युद्धोंमें पाकिस्तानी सेना ने हथियार
छोड़कर, निर्लज्ज होकर आत्मसमर्पण किया है और सफ़ेद जंडे फहराए है. 1971 के युद्धमें
तो एकसाथ 90000 सैनिकों और अधिकारीओंने भारतके सन्मुख आत्मसमर्पण किया था. कारगिल के
समय भारतकी तोपों की गर्जना सुनकर सारे कायर पूंछ दबाकर भाग गए थे. यदि पाकिस्तानी
सैन्य अधिकारी इतने वीर होते, आत्मघाती होते, तो अंतिम श्वास तक लड़ते! आत्मसमर्पण क्यों करते? वास्तविकता यह है की
पाकिस्तानी सैन्य केवल पाकिस्तान के निहत्थे नागरिकों पर अपना आतंक जमा सकते है
(जो वो कर रहे है). रणभूमिमें वीरता दिखाना उनके बसकी बात नहीं है. इसलिए यह मानना
की वे आत्मघाती है, यह उनको अकारण ही महिमामंडित करनेके समान है.
अब दूसरी बात पर ध्यान देते है जिसमें कहा जाता है की
परमाणु युद्धमें भारतके पास खोनेके लिए बहोत है और पाकिस्तान को खोनेके लिए कुछभी
नहीं है.
यह केवल एक (कु)तर्क है. वास्तवमें यदि देखा जाए तो सर्वनाश
की परिस्थितिमें केवल और केवल प्राणों की ही चिंता होती है, संपत्ति की नहीं. यदि
प्राण ही नहीं रहे, यदि देश ही नहीं रहा, तो संपत्ति का भी क्या कर लेंगे? प्राण
तो भारतियों के भी जाने वाले है और पाकिस्तानियों के भी. इसलिए जब प्राण ही जा रहे
है तो संपत्ति की चिंता करनेका क्या अर्थ है? और फिर पाकिस्तान को विनाश करने के
लिए भारत बहोत बड़ा देश पड़ जाएगा जिसे नाश करनेके लिए 10-20 नहीं, सेंकडो परमाणु बम
चाहिए. इससे विपरीत भारत के लिए विनाश करनेके लिए पाकिस्तान बहोत छोटा है. भारतके
पास पाकिस्तान से कही अधिक अत्याधुनिक शश्त्र है जो की चुटकीमें पाकिस्तान को राख
में बदल सकता है, जबकि पाकिस्तान के पास बहोत कम विकल्प है. और फिर भारतने NFU
नितिमें अपने शत्रुओं को यह वचन दिया हुआ है की भारतियों पर एक भी परमाणु बम का
प्रयोग किये जानेपर पुरे शत्रु देश का विनाश किया जाएगा.
अंततः तो यही कहा जा सकता है की विश्वमें कहिभी दो परमाणु
राष्ट्रों के बिच परमाणु युद्ध होनेकी संभावना बहोत ही कम है. जो एकमात्र परमाणु
आक्रमण अमेरिका ने किया था वो भी एक ऐसे देश (जापान) पर किया था जिसके अपने पास कोई
परमाणु शश्त्र नहीं थे. उसके बाद कभी परमाणु बम का प्रयोग नहीं हुआ.
यदि पाकिस्तान ने पहले परमाणु हमला करके हमारे सारे परमाणु
बम नष्ट कर दिए तो?
क्या ऐसा हो सकता है की युद्ध का आरंभ होते ही पाकिस्तान
भारतमें छिपे हुए सारे परमाणु शश्त्रों का विनाश कर दें? चाहे यह विनाश वे अपने
परमाणु बम से ही कर दें? यदि वे ऐसा करनेमें सफल हो जाते है तो फिर आरामसे जहां
चाहे वहां भारत पर परमाणु बम फेंक सकते है! क्या ऐसा नहीं हो सकता है की पाकिस्तान
एकसाथ सेंकडो परमाणु शश्त्रो से अचानक आक्रमण कर दे और भारतके पास उत्तर देनेका
समय ही ना रहे?
वर्तमान परिस्थितिमें पाकिस्तान के लिए यह एक बहोत ही कठिन
काम है. यूँ कहिए की असंभव ही है. फिरभी सैधांतिक रूपसे तो यह एक संभावना ही है.
और फिर भारत की परमाणु निति केवल पाकिस्तान के लिए ही नहीं बनी, विश्व में रहे
किसीभी बड़े से बड़े शत्रु के लिए बनी है. जब प्रश्न भारत के अस्तित्व का हो तब छोटी
से छोटी संभावना के लिए भी तैयार रहना पड़ता है.
इस संभावना से लड़ने के लिए भारतने Nuclear Triad (अर्थात
त्रिपरिमणिय परमाण्विक शक्ति) बनाया हुआ है. इस Triad के अंतर्गत भारतके पास वायु
मार्गसे, थल मार्गसे और समुद्री मार्ग से, इन तीनों मार्ग से परमाणु आक्रमण करनेकी
क्षमता है. लड़ाकू प्लेन से वायु मार्ग से प्रहार किया जा सकता है, मिसाइल से थल से
और सबमरीन से समुद्र के अंदरसे प्रहार किया जाता है. वैसे तो परमाणु हथियार अत्यंत
ही गुप्त स्थानों पर रखे जाते है, उनको किसीभी शत्रु की पहोंच से बहोत दूर रखा
जाता है, फिरभी यदि केवल सैधांतिक रूपसे यह मान भी लें की धरती पर रहे सारे परमाणु
शश्त्रों का विनाश करनेमें शत्रु सफल होता है तो भी अगाध समुद्रमें कहींभी रहने
वाली सबमरीन उस शत्रु का विनाश सुनिश्चित कर सकती है. इस त्रिपरिमणिय व्यवस्था को
Nuclear Triad कहते है जो की भारत के पास उपलब्ध है, परन्तु पाकिस्तान के पास इन
तीनोंमें से एक भी परिमाण विश्वसनीय रूपसे उपलब्ध नहीं है. परमाणु शश्त्रों वाली सबमरीन
तो नाम मात्र भी नहीं है.
जैसा की हमने पहले देखा की परमाणु शश्त्र Deterrence Weapon होते है की जिसका प्रयोजन
केवल शत्रु को परमाणु प्रहार करनेसे रोकनेके लिए होता है. वे वास्तविक उपयोग के लिए नहीं होते. इसलिए यह
सुनिश्चित करना अनिवार्य बन जाता है की किसीभी परिस्थितिमें शत्रु को यह विश्वास
हो की किसीभी प्रकारका परमाणु प्रहार करनेसे वो अपने देशके विनाश को भी आमंत्रण दे
देगा. यदि हम इतना कर पाएं तो भी पर्याप्त है.
यह तो बात हुई आक्रमण की. परंतु क्या भारतके पास ऐसा कोई
विकल्प नहीं है की विश्वका कोई भी शत्रु (केवल पाकिस्तान ही नहीं) भारत के ऊपर
परमाणु आक्रमण करे तो भी उस बम को भारतके ऊपर फूटने से रोक सके? जी हां! यह तकनीक
भी भारत के पास उपलब्ध है. भारतके ऊपर परमाणु बम लेकर आ रही कोई भी मिसाइल या
लड़ाकू विमान का भारत हवामें ही नाश कर सकता है. यह विशेष मिसाइल होती है जिन्हें
SAM (Surface to Air Missile) और ABM (Anti Ballistic Missile) कहते है. इसका अर्थ
है की पाकिस्तान के परमाणु बम तो भारत तक नहीं पहोचेंगे, लेकिन उस आक्रमण का बहाना
लेकर भारत पुरे पाकिस्तान का सर्वनाश कर सकता है! आप समज सकते है की इतना बड़ा
जोखिम पाकिस्तान कभी नहीं ले सकता.
पाकिस्तान के पास Tactical Nuclear Bomb है जिसका उपयोग वे
सामान्य बम की भांति कर सकते है जिसका जवाब हम बड़े न्यूक्लियर बम से नहीं दे सकते.
ऐसा कहा जाता है की पाकिस्तान के पास Tactical परमाणु बम
है. Tactical परमाणु बम Miniaturized परमाणु बम,
अर्थात छोटे परमाणु बम होते है जो की एक छोटे से विस्तार में बहोत बड़ा विनाश करते
है. यह तकनीक बहोत कठिन होती है इसलिए पाकिस्तान के पास यह (जो की चाइना के दिए गए
बम रखता है) तकनीक हो यह एक शंकास्पद बात है. चीन के पास होना भी शंकास्पद है. यह
सब गुप्त जानकारी है जिसके विषयमें हम विश्वास के साथ नहीं कह सकते. इसलिए हम यह
देखेंगे की इन Tactical परमाणु बमों का महत्त्व क्या है.
Tactical परमाणु बम यह सिद्धांत पर बनाए जाते है की छोटी
मार के कारण शत्रु यह सिद्ध नहीं कर पाएगा की वास्तवमें उसके ऊपर परमाणु प्रहार
हुआ है. उसे यह जांचनेमें भी समय लग जाएगा की परमाणु प्रहार हुआ भी है या नहीं.
जबकि यह छोटा बम भी यदि प्रभावी रूपसे उपयोग किया जाए तो एक छोटे क्षेत्रमें रहे
सारे शत्रु सैनिकों को उनके सारे हथियारों के साथ बहोत सरलता से नाश किया जा सकता है.
यूँ समजिये की एक बड़ा परमाणु बम तो किसी काम का नहीं है, परंतु छोटे परमाणु बम
बहोत कामके है... यदि शत्रु उन्हें पहचान न पाएं तो!
यह एक सैधांतिक बात है, और सैधांतिक ही रहेगी. आजतक किसीभी
देशने Tactical परमाणु बम का उपयोग नहीं किया है. भारतके पास परमाणु विष्फोट के
पश्चात वातावरणमें होने वाले परमाण्वीय फैलाव (Nucler
Fallout) को जांचने के उपकरण उपलब्ध है जो सैनिकों के पास होते है. भारतकी परमाणु
निति छोटे और बड़े परमाणु बममें कोई भेद नहीं करती. परमाणु प्रहार का अर्थ है
परमाणु प्रहार! छोटा हो या बड़ा, इससे कोई अंतर नहीं पड़ता. इस परिस्थितिमें
पाकिस्तान Tactical परमाणु बम का उपयोग (यदि वास्तवमें उसके पास हो तो) करे यह संभावना कम ही है.
यदि करता है तो वो अपने अस्तित्व के जोखिम पर ही करे!
फिर पाकिस्तान क्यों बार बार परमाणु प्रहार की धमकी देता
है?
यह व्यापक रूपसे ख्यात बात है की पाकिस्तान के पास प्रभावी
रूपसे परमाणु बम ले जाने वाली मिसाइल और लड़ाकू विमान नहीं है. और जो है उनकी मारक
क्षमता और दुरी नापनेकी क्षमता बहोत कम है. उनके पास तो परमाणु बम होनेपर भी आशंका
है! जिनके पास असली परमाणु बम गिरानेकी क्षमता होती है वो इस प्रकार छाती कूट कूट
कर धमकियाँ नहीं देते. यहांपर वही बात हो गई की खाली घड़ा अधिक छलकता है.
इतना विवरण पढनेके बाद आप समज ही गए होंगे की पाकिस्तान
क्यों बार बार भारत को परमाणु बम की धमकी देता रहता है. यदि उनके पास असली परमाणु
बम है भी, और उसको गिरानेके लिए प्रभावी मिसाइल भी है तो भी, उनका परमाणु बम किसी
कामका नहीं है. वे जानते है की वे उसका कभी उपयोग नहीं कर सकते. इसलिए वे कमसे कम अपने
तथाकथित परमाणु शश्त्रों की Deterrence Value (भारतको युद्ध करनेसे हतोत्साहित
करने का लक्षण) का उपयोग करके भारत के नागरिकों को डराना चाहते है जिससे की भारतीय
लोग सेना और सरकार के ऊपर दबाव डालकर युद्ध करनेसे उन्हें रोक लें. यही कारण है की
रोज रोज टीवी पर आ रहे उनके बेरोजगार प्रवक्ता भारतीय नागरिकों को डराते है.
इसलिए इन कपटीओं की खोखली धमकिओं को गंभीरतासे ना लेते हु
मैं वही उत्तर देना चाहूँगा जो whatsapp में आजकल धूम मचा रहा है...
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